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पसली टूटने पर कà¥à¤¯à¤¾ होता है?
छाती की लगà¤à¤— 70 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ चोटों में पसलियों में फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° हो जाता है और उसके साथ-साथ छाती की मांसपेशियां कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो जाती हैं। लगà¤à¤— 80 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ लोगों में पसली का फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° होने के साथ-साथ फेफड़े गंà¤à¥€à¤° रूप से कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो जाते हैं जिसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प छाती के अंदर खून व हवा à¤à¤° जाती है।
पसली की हडà¥à¤¡à¥€ टूटने पर कà¥à¤¯à¤¾ करें?
अपनी चोट का घर पर देखà¤à¤¾à¤² करना
छाती पर बरà¥à¤« पैक रखना – दरà¥à¤¦ और सूजन कम करने के लिये नियमित रूप से पहले कà¥à¤› दिन – तौलिये में लिपटे ठंडे मटरों का बैग à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जा सकता है
समय समय पर विशà¥à¤°à¤¾à¤® करना – कारà¥à¤¯ से छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ लें, विशेषत: तब जब आपको आपके कारà¥à¤¯ में शारीरिक ताकत लगानी पड़ती है अथवा दरà¥à¤¦ अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• है
फेफड़ों की कà¥à¤² कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ से आपका कà¥à¤¯à¤¾ अà¤à¤¿à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤¯ है?
फेफड़ों की कà¥à¤² कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ (Total Lung Capacity, TLC): बलपूरà¥à¤µà¤• नि:शà¥à¤µà¤¸à¤¨ के पशà¥à¤šà¤¾à¤¤ फेफड़ों में समायोजित (उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤) वायॠकी कà¥à¤² मातà¥à¤°à¤¾ । इसमें RV,ERV,TV और IRV समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ है। यानि जैव कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ + अवशिषà¥à¤Ÿ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ (VC+RV)। इनकी कà¥à¤² मोटाई à¤à¤• मिलीमीटर से बहà¥à¤¤ कम होती है।
छाती के बीच में दरà¥à¤¦ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है?
सीने में दरà¥à¤¦ के कई कारण होते हैं, जैसे कि- मांसपेशियों में दरà¥à¤¦ (muscle pain), हडà¥à¤¡à¥€ में दरà¥à¤¦, à¤à¤¸à¤¿à¤¡-रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸, à¤à¤¨à¤œà¤¾à¤‡à¤¨à¤¾, दिल का दौरा (heart attack) आदि. इनमें से कà¥à¤› पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤®à¥à¤¸ मामूली हैं तो कà¥à¤› गंà¤à¥€à¤°. लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोगों को सीने में उठने वाले दरà¥à¤¦ के पीछे की वजह पता ही नहीं चलती.
पसलियों में कितनी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ होती हैं?
मानव पसà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤¾à¤ (लाल में)। इनकी संखà¥à¤¯à¤¾ 24 होती है, 12 बाà¤à¤ और 12 दाà¤à¤à¥¤
जलीय जंतà¥à¤“ं में शà¥à¤µà¤¸à¤¨ कैसे होता है?
गलफड़ा à¤à¤• कई जलीय जीवों में पायी जाने वाली à¤à¤• शारीरिक संरचना है जिसका कारà¥à¤¯ पानी से ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ खींच कर कारà¥à¤¬à¤¨ डाइऑकà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ को बाहर छोड़ना है, इस तरह गलफड़ा जलीय जीवों का शà¥à¤µà¤¸à¤¨ अंग है। à¤à¤• गलफड़े की सूकà¥à¤·à¥à¤® संरचना इस पà¥à¤°à¤•ार की होती है कि यह बाहरी वातावरण के लिठà¤à¤• बहà¥à¤¤ बड़ा सतह कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ करता है।
फेफड़ों का कà¥à¤¯à¤¾ कारà¥à¤¯ होता है?
मनà¥à¤·à¥à¤¯ में पà¥à¤°à¤®à¥à¤– शà¥à¤µà¤¸à¤¨ अंग फेफड़े हैं जो संखà¥à¤¯à¤¾ में दो होते हैं। फेफड़े सीने में दोनों ओर à¤à¤•-à¤à¤• होते हैं। फेफड़े वायॠमें से ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ गैस को लेते हैं तथा कारà¥à¤¬à¤¨ डाई ऑकà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ गैस को वायॠमें छोड़ते हैं। हृदय मनà¥à¤·à¥à¤¯ में सीने के बाईं ओर मजबूत पसलियों के बीच सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होता है।
जैव कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ है?
फेफड़ों में अधिकतम वायॠको à¤à¤°à¤•र à¤à¤• वà¥à¤¯à¤• जितनी अधिकतम वायॠको शà¥à¤µà¤¾à¤¸ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बाहर निकाल सकता है, फेफड़ों की जैव कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कहते हैं अथवा बलपूरà¥à¤µà¤• निःशà¥à¤µà¤¸à¤¨ दà¥à¤µ वायॠफेफड़ों से निकालने के बाद अनà¥à¤¤à¤ƒà¤¶à¥à¤µà¤¸à¤¨ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ फेफड़ों में पहà¥à¤à¤š वाली वायॠफेफड़ों की जैव कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करती है।
छाती के दरà¥à¤¦ को कैसे ठीक करें?
Acidity Pain In Chest: गैस से हो रही है सीने में जलन और दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾, तो इन घरेलू तरीको से करें इलाज
गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी अगर आपको सीने में गैस और कबà¥à¤œà¥€ की शिकायत होती है तो à¤à¤¸à¥‡ में आप सà¥à¤¬à¤¹ उठकर हलà¥à¤•ा गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी पी लें, इससे आपको काफी राहत मिलेगी.
अदरक
3.सिरका
सरसो का बीज
5.पपीता
पसली कà¥à¤¯à¤¾ है?
पसली पिंजर (rib cage) मानवों और अधिकांश अनà¥à¤¯ कशेरà¥à¤•ी पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के वकà¥à¤· में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ à¤à¤• हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का ढांचा होता है। इसकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पसलियाठकहा जाता है। यह वकà¥à¤· गà¥à¤¹à¤¾ में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ अंगों की रकà¥à¤·à¤¾ करता है, जिनमें हृदय, फेफड़े, शà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¨à¤²à¥€, गà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨à¤²à¥€, थाइमस गà¥à¤°à¤‚थि, इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ शामिल हैं।
पसली में दरà¥à¤¦ हो तो कà¥à¤¯à¤¾ करें?
पसलियों में दरà¥à¤¦ होने पर इन नà¥à¤¸à¥â€à¤–ों को आजमाà¤à¤‚
à¤à¤• गà¥à¤°à¤¾à¤® शà¥à¤¦à¥à¤§ हींग महीन पीसकर अंडे की जरà¥à¤¦à¥€ में मिलाकर पसली पर लेप करें।
गेहूं की रोटी को à¤à¤• तरफ से सेंक कर दूसरी ओर कचà¥â€à¤šà¥€ रख कर उस à¤à¤¾à¤— पर सरसों का गरà¥à¤® तेल मल कर दरà¥à¤¦ वाले सà¥â€à¤¥à¤¾à¤¨ पर बांध दें।
चूना व शहद मिलाकर लेप करने से à¤à¥€ पसलियों के दरà¥à¤¦ में आराम मिलता है।
गà¥à¤® चोट लगने पर कà¥à¤¯à¤¾ लगाना चाहिà¤?
घरेलू उपाय शहद और खाने वाले चूना का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर आप चोट और दरà¥à¤¦ से निजात पा सकते हैं। इन दोनों में à¤à¤¸à¥‡ गà¥à¤£ पाठजाते हैं जो चोट में आराम दिलाते हैं। इसके लिठजिस जगह चोट हो वहां पर थोड़ा सा शहद और थोड़ा खाने वाला चूना लगाà¤à¤‚। यह आपको थोड़ा गरà¥à¤® लगेगा।
मानव शरीर में कà¥à¤² कितनी पसलियां होती हैं?
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की पसली चलने पर कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤?
बचà¥â€à¤šà¥‡ की पसली चलने, शà¥â€à¤µà¤¾à¤¸ की गति तेज होन, शà¥â€à¤µà¤¾à¤¸ लेने में कठिनाई होने, उसकी जीठया होठनीले पडने आदि की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में तà¥à¤°à¤¨à¥â€à¤¤ चिकितà¥â€à¤¸à¤• से समà¥â€à¤ªà¤°à¥à¤• करें।
फेफड़ों के नीचे दरà¥à¤¦ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है?
यह à¤à¤¸à¥€ बीमारी है जिसमें फेफड़ों की à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ में सूजन हो जाती है। सूजन आमतौर पर बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² और फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के कारण होती है। कà¥à¤› मामलों में पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण फेफड़ों में खून का थकà¥à¤•ा जम जाता है या पस निकलने लगता है। सीने में दरà¥à¤¦, बà¥à¤–ार और सांस लेने में तकलीफ पà¥à¤²à¥à¤°à¤¿à¤¸à¥€ के मà¥à¤–à¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ हैं।
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